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कर्नाटक में खनन नीलामी में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन का आरोप
समाज परिवर्तन समुदाय के संस्थापक अध्यक्ष एस.आर. हिरेमठ ने कर्नाटक सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि रद्द और समाप्त लौह अयस्क खनन पट्टों के क्षेत्रों को पांच नए खंडों में मिलाकर नीलाम किया गया है।
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कर्नाटक में खनन नीलामी प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। समाज परिवर्तन समुदाय के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं का दावा है कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट के दिए गए निर्देशों की अनदेखी कर रही है।
संगठन के संस्थापक अध्यक्ष एस.आर. हिरेमठ ने आरोप लगाया है कि सरकार ने जिन लौह अयस्क खनन पट्टों को रद्द किया था अथवा जिनकी अवधि समाप्त हो गई थी, उन क्षेत्रों को अवैध रूप से आपस में मिलाकर पांच नए खनन खंड बनाए गए। इसके बाद इन नई खंडों को नीलामी के माध्यम से बेचा गया।
हिरेमठ ने इस मामले में अदालत में अवमानना याचिका दाखिल की है। वे मानते हैं कि यह कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खनन गतिविधियों को लेकर दिए गए आदेशों के सीधे विरुद्ध है। इस पूरे मामले में कानूनी जांच होने की संभावना है।
यह विवाद कर्नाटक में पर्यावरणीय मुद्दों और खनन नीति की पारदर्शिता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को रेखांकित करता है। राज्य सरकार से इस संबंध में स्पष्टीकरण देने की अपेक्षा की जा रही है।