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OBC आरक्षण दान नहीं, अधिकार है: कर्नाटक मंत्री

कर्नाटक के मंत्री संतोष लाड़ ने कहा है कि पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण सामाजिक न्याय का मुद्दा है, न कि किसी की दया का प्रश्न। उन्होंने आरक्षण व्यवस्था को देश के संविधान में निहित अधिकार बताया।

LSN India · 29 September 2026

OBC आरक्षण दान नहीं, अधिकार है: कर्नाटक मंत्री

कर्नाटक के एक वरिष्ठ मंत्री ने राज्य में चल रही आरक्षण बहस में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) के लिए आरक्षण किसी प्रकार की दान-पत्र नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने का एक संवैधानिक अधिकार है। मंत्री का मानना है कि यह व्यवस्था भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों पर आधारित है।

आरक्षण नीति को लेकर समाज में विभिन्न विचार मौजूद हैं। कुछ इसे सामाजिक समानता का साधन मानते हैं, तो कुछ इसे योग्यता में बाधा के रूप में देखते हैं। इस संदर्भ में मंत्री की टिप्पणी इस महत्वपूर्ण सामाजिक विषय पर सरकार के रुख को स्पष्ट करती है।

कर्नाटक सहित देश के विभिन्न राज्यों में आरक्षण की व्यवस्था दशकों से चली आ रही है। यह व्यवस्था ऐतिहासिक रूप से हाशिए पर रही समुदायों को शिक्षा और सरकारी नौकरियों में प्रतिनिधित्व देने का उद्देश्य रखती है।

मंत्री की यह टिप्पणी सामाजिक न्याय और समान अवसर के मुद्दे पर राजनीतिक विमर्श को नए आयाम दे सकती है। राज्य में आने वाले समय में इस विषय पर और चर्चा होने की संभावना है।