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परपन्ना अग्रहार जेल में विदेशी महिला कैदियों की लंबी कैद पर चिंता
कर्नाटक राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नागलक्ष्मी चौधरी ने परपन्ना अग्रहार केंद्रीय जेल में विदेशी महिला कैदियों की दीर्घकालीन कैद को लेकर गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने सरकार द्वारा योग्य कैदियों के लिए 40,000 रुपये तक की जमानत राशि प्रदान करने के प्रावधान की ओर ध्यान दिलाया है।
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बेंगलुरु - कर्नाटक राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नागलक्ष्मी चौधरी ने परपन्ना अग्रहार केंद्रीय जेल में विदेशी मूल की महिला कैदियों की दीर्घकालीन कैद की समस्या को उजागर किया है। आयोग ने इन कैदियों की रिहाई में आने वाली बाधाओं पर विचार करते हुए सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया है।
चौधरी के अनुसार, महिला कैदियों की रिहाई को सुगम बनाने के लिए कानून के तहत एक प्रावधान मौजूद है जिसके अंतर्गत सरकार योग्य कैदियों की जमानत राशि के लिए 40,000 रुपये तक की सहायता प्रदान कर सकती है। यह प्रावधान विशेष रूप से उन कैदियों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके पास जमानत राशि जुटाने का कोई साधन नहीं है।
आयोग का मानना है कि इस प्रावधान का उचित उपयोग करके कई विदेशी महिला कैदियों को उनके सजा की अवधि के बाद रिहा किया जा सकता है। परपन्ना अग्रहार जेल में विदेशी महिलाओं की स्थिति की समीक्षा करने के लिए आयोग ने संबंधित सरकारी विभागों से तुरंत कार्रवाई की अपेक्षा की है।
यह मुद्दा जेल प्रशासन में पारदर्शिता और कैदियों के अधिकारों के संरक्षण से संबंधित है। महिला आयोग ने इस बात पर जोर दिया है कि कानूनी प्रावधानों को सक्रिय रूप से लागू किया जाना चाहिए ताकि योग्य कैदियों को समय पर न्याय मिल सके।