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करवा चौथ 2026: भद्रा काल, पूजा मुहूर्त और चांद दर्शन की संपूर्ण जानकारी
करवा चौथ 2026 को भद्रा काल का असर रहेगा या नहीं, इसे लेकर व्रत करने वाली महिलाओं में सवाल उठ रहे हैं। पूजा का सही समय और चांद निकलने की जानकारी जानें।
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करवा चौथ 2026 को व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए भद्रा काल की परिस्थितियां महत्वपूर्ण हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय किए गए धार्मिक कार्य प्रभावित हो सकते हैं। व्रत को सफल माना जाता है यदि पूजा भद्रा काल समाप्त होने के बाद की जाए।
करवा चौथ की रात्रि के दौरान सरगी खाने का समय अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न होता है। सूर्योदय से पहले ही सरगी का भोजन कर लेना चाहिए। इसी प्रकार, पूजा का शुभ मुहूर्त निर्धारित करते समय स्थानीय चंद्रोदय का समय भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
विभिन्न शहरों में चांद निकलने का समय अलग-अलग होता है, जिस कारण पूजा का समय भी भिन्न रहता है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और अन्य प्रमुख शहरों में चांद दर्शन का समय पहले से सत्यापित कर लेना चाहिए। इससे व्रत और पूजा की तैयारी में आसानी होती है।
भद्रा काल की अवधि जानना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस काल में किए गए कार्य शुभ फल नहीं देते। इसलिए, व्रत रखने वाली महिलाओं को भद्रा काल समाप्त होने का इंतजार करना चाहिए और उसके बाद ही पूजा संपन्न करनी चाहिए।