LSN News › India

World · India Bureau

करवा चौथ व्रत कथा: वीरावती की पौराणिक कहानी और धार्मिक महत्व

करवा चौथ के अवसर पर महिलाएं वीरावती की व्रत कथा का पाठ करती हैं। यह कथा पति की दीर्घायु और कल्याण से संबंधित प्राचीन धार्मिक मान्यता से जुड़ी है।

LSN India · 29 October 2026

करवा चौथ व्रत कथा: वीरावती की पौराणिक कहानी और धार्मिक महत्व

करवा चौथ की परंपरा में वीरावती की व्रत कथा का विशेष स्थान है। इस पौराणिक कहानी के अनुसार, वीरावती नामक एक साध्वी महिला थीं जिन्होंने अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए कठोर व्रत किया था। धार्मिक ग्रंथों में इस कथा को पति-प्रेम और निष्ठा का प्रतीक माना जाता है।

हिंदू परंपरा में करवा चौथ के दिन विवाहित महिलाएं इसी व्रत कथा को सुनती और पढ़ती हैं। कहा जाता है कि वीरावती की पवित्र कथा का श्रवण करने से पति की आयु बढ़ती है और दांपत्य जीवन में सुख-शांति आती है। यह मान्यता भारतीय समाज में सदियों से चली आ रही है।

व्रत कथा में वीरावती की भक्ति और समर्पण का वर्णन मिलता है, जिसे पति-परायण महिलाओं का आदर्श माना जाता है। करवा चौथ के दिन इस कथा को पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ सुना जाता है और माना जाता है कि इससे विवाहित जीवन में पवित्रता और शुभता का संचार होता है।