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काशी तमिल संगमम 5.0 में तिरुक्कुरल का होगा विशेष प्रचार
तमिलनाडु से करीब 1,400 प्रतिभागी वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या में आएंगे। इस आयोजन का मुख्य केंद्रबिंदु प्राचीन तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल होगा।
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काशी तमिल संगमम के पांचवें संस्करण का आयोजन तमिल साहित्य के प्रमुख ग्रंथ तिरुक्कुरल के प्रचार-प्रसार पर केंद्रित होगा। यह कार्यक्रम भारत के तीन महत्वपूर्ण सांस्कृतिक नगरों वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या में आयोजित किया जाएगा।
इस संगमम के लिए तमिलनाडु से लगभग 1,400 प्रतिभागी भाग लेंगे। ये प्रतिभागी विद्वान, कलाकार, छात्र और सांस्कृतिक कार्यकर्ता होंगे। कार्यक्रम के माध्यम से तिरुक्कुरल की शिक्षाओं और इसके सार्वभौमिक मूल्यों को हिंदी भाषी क्षेत्रों में प्रसारित किया जाएगा।
तिरुक्कुरल प्राचीन तमिल साहित्य का एक मूल्यवान ग्रंथ है, जिसमें नैतिकता, राजनीति और जीवन दर्शन संबंधी सूत्र हैं। इस ग्रंथ का विभिन्न भाषाओं में अनुवाद किया गया है और यह विश्व साहित्य का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
काशी तमिल संगमम परियोजना भारतीय संस्कृति की विविधता को दर्शाती है और विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने का काम करती है। इस आयोजन से उत्तर भारत में तमिल साहित्य और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ने की अपेक्षा की जा रही है।