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दिल्ली की ऐतिहासिक मस्जिद से बेदखली पर कश्मीरी धर्मगुरुओं की चिंता
कश्मीर के प्रमुख धर्मगुरु मिरवाइज़ सहित कई इस्लामिक विद्वानों ने दिल्ली के रेस कोर्स मस्जिद की बेदखली को गहरी चिंता का विषय बताया है। वे पूछ रहे हैं कि यदि कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त मस्जिद की सुरक्षा नहीं हो सकती तो अन्य धार्मिक स्थलों के लिए क्या सुरक्षा बची है।
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कश्मीर के धार्मिक नेतृत्व ने दिल्ली की ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद से भक्तों की बेदखली के मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मिरवाइज़ सहित कई प्रमुख धर्मगुरुओं का कहना है कि यह कदम अत्यंत चिंताजनक है और भारत के सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरनाक संकेत भेजता है।
इन धार्मिक नेताओं के अनुसार, जब कानूनी मान्यता प्राप्त धार्मिक स्थलों को भी संरक्षण नहीं दिया जाता है, तो अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के लिए किस प्रकार की सुरक्षा की गारंटी दी जा सकती है। यह सवाल न केवल मुस्लिम समुदाय के लिए बल्कि भारत के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
रेस कोर्स मस्जिद, जो दिल्ली के इतिहास से जुड़ी हुई है, को लेकर यह विवाद लंबे समय से चल रहा है। इस मस्जिद की बेदखली का मामला न केवल धार्मिक स्वतंत्रता के प्रश्न को उठाता है बल्कि धार्मिक स्थलों की कानूनी सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
कश्मीर के धर्मगुरुओं का यह बयान एक समय में आया है जब देश में धार्मिक सद्भावना और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर बहस जारी है। इस घटना से सांप्रदायिक सामंजस्य बनाए रखने की दिशा में एक नकारात्मक संदेश जाता है।