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कश्मीर घाटी का प्रतिनिधित्व 18% रहा, विधायकों में असंतोष

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रशासनिक सेवाओं में 55 नए नियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। लेकिन कश्मीर घाटी के कम प्रतिनिधित्व को लेकर विधायकों ने असंतोष व्यक्त किया है।

LSN India · 17 September 2026

कश्मीर घाटी का प्रतिनिधित्व 18% रहा, विधायकों में असंतोष

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से चयनित 55 उम्मीदवारों को जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा और जम्मू-कश्मीर लेखा सेवा (राजपत्रित) में नियुक्ति पत्र प्रदान किए। हालांकि, इस नियुक्ति सूची में कश्मीर घाटी के प्रतिनिधित्व को लेकर विधान सभा के कई सदस्यों ने आपत्ति जताई है।

विधायकों के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों में से केवल 18 प्रतिशत कश्मीर घाटी से हैं, जबकि शेष अधिकांश जम्मू क्षेत्र से संबंधित हैं। इस असंतुलित प्रतिनिधित्व को लेकर कश्मीर की ओर से आने वाले विधायकों का कहना है कि यह केंद्रीय क्षेत्र को सरकारी नौकरियों से वंचित कर रहा है।

विधायकों ने मुख्यमंत्री से इस मामले को लेकर जांच की मांग की है और आगामी नियुक्तियों में क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। प्रशासनिक सेवाओं में उचित भौगोलिक प्रतिनिधित्व एक महत्वपूर्ण मुद्दा माना जाता है, विशेषकर संघ शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर में जहां क्षेत्रीय संवेदनशीलता बहुत अधिक होती है।

सरकार द्वारा अभी तक इस आलोचना पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया दी नहीं गई है। नियुक्ति प्रक्रिया के मानदंड और चयन मापदंडों की समीक्षा करने की बात कही जा रही है ताकि आने वाले चयनों में सभी क्षेत्रों को समुचित मौका मिल सके।