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स्वचालित ट्रैक्टरों से 245 साल पुराने किसान परिवार की विरासत को बचा रहे हैं
केंटकी के एक आठवीं पीढ़ी के किसान क्विंट पॉटिंजर अपने परिवार के 245 साल पुराने खेत को बचाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहे हैं। तीन साल के सूखे के कारण फसल की पैदावार में भारी गिरावट आई थी, लेकिन स्वचालित ट्रैक्टर अब नई संभावनाएं दिखा रहे हैं।
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केंटकी के एक किसान परिवार ने अपनी दो सदियों पुरानी कृषि परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ मिलाकर नया रास्ता निकाला है। क्विंट पॉटिंजर, जो आठवीं पीढ़ी के किसान हैं, स्वचालित ट्रैक्टरों का उपयोग करके अपने 245 साल पुराने खेत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
पिछले तीन सालों में लगातार सूखे की स्थिति से पॉटिंजर के खेतों में फसल की पैदावार में भारी गिरावट आई है। 100 से 130 बुशेल प्रति एकड़ तक सीमित पैदावार से परिवार को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था। ऐसी परिस्थिति में स्वचालित कृषि तकनीक ने उन्हें एक नया विकल्प प्रदान किया है।
स्वचालित ट्रैक्टरों के उपयोग से पॉटिंजर अब 800 एकड़ जमीन पर फसलें और कवर क्रॉप्स लगाने में सक्षम हो गए हैं। यह तकनीकी कदम न केवल उत्पादन को बढ़ाने में मदद दे रहा है, बल्कि मजदूरी की मांग को भी कम कर रहा है। परिवार के खेत के भविष्य के लिए यह एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है।
पॉटिंजर का यह प्रयास दर्शाता है कि कैसे पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर कृषि संकटों का समाधान निकाला जा सकता है। उनका अनुभव अन्य किसानों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।