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केरल पुरातत्व विभाग कन्नूर में सात मेगालिथिक छतरी पत्थरों को करेगा पुनर्स्थापित
केरल के कन्नूर जिले में पुरातात्विक महत्व के सात कुडक्कल या छतरी पत्थरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। ये संरचनाएं चार खड़े पार्श्व पत्थरों पर गुंबदाकार शिखर के साथ निर्मित हैं।
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केरल पुरातत्व विभाग कन्नूर जिले में स्थित सात मेगालिथिक छतरी पत्थरों के पुनर्स्थापन की तैयारी कर रहा है। ये संरचनाएं स्थानीय भाषा में कुडक्कल के नाम से जानी जाती हैं और प्राचीन काल की महत्वपूर्ण पुरातात्विक धरोहर मानी जाती हैं।
कुडक्कल संरचना की विशेषता इसके अनोखे स्थापत्य डिजाइन में निहित है। इसमें चार खड़े पार्श्व पत्थर, जिन्हें ऑर्थोस्टेट कहा जाता है, एक गुंबदाकार या छतरी के आकार के शिखर पत्थर को सहारा देते हैं। यह निर्माण शैली क्षेत्र के मेगालिथिक सांस्कृतिक परंपरा को प्रतिबिंबित करती है।
विभाग द्वारा शुरू की जाने वाली यह बहाली परियोजना इन प्राचीन संरचनाओं को संरक्षित रखने और उनकी ऐतिहासिक विरासत को बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कन्नूर क्षेत्र अपनी समृद्ध पुरातात्विक विरासत के लिए जाना जाता है, और ये छतरी पत्थर इस विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
पुनर्स्थापन कार्य पुरातात्विक मानकों के अनुसार किया जाएगा ताकि इन संरचनाओं की मूल विशेषताओं को बरकरार रखा जा सके। यह पहल केरल की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।