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आंगनवाड़ी बच्चों के लिए पोषण मिश्रण में चीनी कम करने का आदेश
केरल बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अमृतम न्यूट्रिमिक्स में 20 प्रतिशत चीनी की मात्रा को लेकर चिंता जताई है। आयोग का कहना है कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन की दिशानिर्देशों के विरुद्ध है।
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केरल राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आंगनवाड़ी कार्यक्रम में वितरित किए जाने वाले पोषण मिश्रण से चीनी की मात्रा कम करने का निर्देश दिया है। एक शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने पाया कि अमृतम न्यूट्रिमिक्स में चीनी की मात्रा 20 प्रतिशत है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिशों के अनुरूप नहीं है।
आयोग के अनुसार, बचपन में अत्यधिक चीनी का सेवन कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। आंगनवाड़ी केंद्रों में वितरित किए जाने वाले पोषण आहार का उद्देश्य कुपोषण से जूझते बच्चों का स्वास्थ्य सुधारना है। आयोग ने कहा है कि ऐसे पोषण पदार्थों में अनावश्यक चीनी का इस्तेमाल इस उद्देश्य के विरुद्ध है।
आयोग ने संबंधित विभागों से कहा है कि वे न्यूट्रिमिक्स के फॉर्मूलेशन की समीक्षा करें और चीनी की मात्रा को डब्ल्यूएचओ के दिशानिर्देशों के अनुसार समायोजित करें। साथ ही आयोग ने यह भी सुझाव दिया है कि आंगनवाड़ी कार्यक्रम के तहत बच्चों को दिए जाने वाले सभी पोषण आहार की गुणवत्ता और सामग्री की नियमित जांच की जानी चाहिए।
यह कदम राज्य में बच्चों के पोषण मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया है। आयोग का मानना है कि स्वस्थ विकास के लिए बच्चों को पोषक आहार देना बेहद जरूरी है और इसमें किसी तरह की समझौता नहीं किया जाना चाहिए।