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केरल के मुख्यमंत्री ने कर नीति को समझाने के लिए चाणक्य के अर्थशास्त्र का हवाला दिया

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने अपनी राजकोषीय रणनीति को समझाते हुए प्राचीन भारतीय ग्रंथ अर्थशास्त्र के सिद्धांतों का उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि वे विधायक के रूप में इन सिद्धांतों को उद्धृत करते रहे हैं और अब वित्त विभाग संभालने के बाद इन्हें व्यावहारिक रूप से लागू कर रहे हैं।

LSN India · 4 November 2026

केरल के मुख्यमंत्री ने कर नीति को समझाने के लिए चाणक्य के अर्थशास्त्र का हवाला दिया

केरल के मुख्यमंत्री ने राज्य की कर नीति और आर्थिक रणनीति को चाणक्य के प्रसिद्ध ग्रंथ अर्थशास्त्र के सिद्धांतों से जोड़ते हुए समझाया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वह लंबे समय से इस ग्रंथ के मूल सिद्धांतों का संदर्भ देते आए हैं, जिसमें सुशासन और राजस्व प्रबंधन संबंधी दिशानिर्देश दिए गए हैं।

विधानसभा में सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इन सिद्धांतों को नियमित रूप से उद्धृत किया। राज्य के वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभालने के पश्चात, मुख्यमंत्री ने इन प्राचीन अर्थशास्त्रीय सिद्धांतों को केरल की आधुनिक कर व्यवस्था में व्यावहारिक रूप से लागू करने का प्रयास किया है।

चाणक्य का अर्थशास्त्र प्राचीन भारत का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक ग्रंथ है, जो राज्य के संसाधनों के सुचिंतित उपयोग और न्यायसंगत कराधान नीति पर विस्तृत विवरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री के इस दृष्टिकोण से राज्य की वित्तीय नीति को ऐतिहासिक और दार्शनिक आधार प्रदान होता है।

इस तरह की दृष्टि केरल के आर्थिक प्रबंधन में परंपरागत ज्ञान को समकालीन नीति निर्माण के साथ जोड़ने का एक प्रयास दर्शाती है।