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चेरनल्लूर दुर्घटना: किशोर ड्राइवर केस में बीएनएस धारा 105 के आह्वान पर डेटा मांगा
केरल के चेरनल्लूर में हुई दुर्घटना के केस में जज कविता गंगाधरन ने किशोर न्याय बोर्ड द्वारा दी गई जमानत के खिलाफ अपीलों पर आदेश के लिए समान मामलों में बीएनएस की धारा 105 के आह्वान संबंधी डेटा मांगा है।
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चेरनल्लूर सड़क दुर्घटना केस में अदालत ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए किशोर ड्राइवरों से जुड़ी दुर्घटनाओं में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के प्रयोग संबंधी विस्तृत आंकड़े मांगे हैं। जज कविता गंगाधरन ने यह निर्देश अभियोजन पक्ष और मृतक के परिवार द्वारा दायर की गई अपीलों पर आदेश तैयार करते समय दिया है। किशोर न्याय बोर्ड द्वारा अभियुक्त किशोर को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली इन अपीलों का निपटारा करने से पहले अदालत संबंधित डेटा का विश्लेषण करना चाहती है।
जज ने जांच अधिकारी को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समान दुर्घटना मामलों में धारा 105 को लागू करते हुए पहले कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है, और यह प्रावधान केवल वर्तमान केस में ही लागू किया गया है, तो उन्हें जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा। अदालत का यह कदम न्यायिक निर्णयों में समानता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में है।
इस केस में धारा 105 का प्रयोग एक महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु बन गया है, जो समान परिस्थितियों में कानून के एकसमान प्रयोग की आवश्यकता को उजागर करता है। अदालत का आदेश संभवतः भविष्य में किशोर न्याय से संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं को और अधिक संरचित बनाने में मदद करेगा।