World · India Bureau
केरल में भीड़ हिंसा: फॉरेंसिक सर्जन का मानवता का सवाल
पलक्कड़ में एक अज्ञात व्यक्ति की भीड़ द्वारा हत्या के खिलाफ फॉरेंसिक सर्जन हिथेश शंकर ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है। यह घटना दिसंबर 2025 में वालयार के अट्टप्पल्लम में छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिक राम नारायण बाघेल की हत्या के बाद आई है।
LSN India ·

केरल में भीड़ द्वारा की गई हिंसा की घटनाओं के खिलाफ एक प्रमुख फॉरेंसिक सर्जन ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हिथेश शंकर ने सोशल मीडिया पर एक तीव्र पोस्ट जारी किया है, जिसमें पलक्कड़ में एक अज्ञात व्यक्ति की भीड़ द्वारा की गई हत्या को लेकर संवेदनशील सवाल उठाए हैं।
शंकर ने दिसंबर 2025 में वालयार के अट्टप्पल्लम इलाके में घटी एक घटना का जिक्र किया है, जहां छत्तीसगढ़ के 31 वर्षीय प्रवासी श्रमिक राम नारायण बाघेल की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। फॉरेंसिक सर्जन को इस मामले में शव परीक्षण का दायित्व दिया गया था।
शंकर के पोस्ट में "केरल, तुम्हारी मानवता कहां है?" जैसे सवाल हैं, जो राज्य में बढ़ती भीड़ हिंसा की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हैं। यह संदेश चिकित्सा पेशेवरों के लिए ऐसी घटनाओं को देखने और उन पर प्रतिक्रिया देने के नैतिक मुद्दों को भी उजागर करता है।
राम नारायण बाघेल की मृत्यु एक बड़ी घटना थी जिसने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और राज्य में सामाजिक सद्भावना के सवाल उठाए हैं। इस तरह की घटनाएं केरल जैसे विकसित राज्य में एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं।