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आपदा से जीत तक: भाइयों ने एशियाड में रचा सेलिंग इतिहास
केरल बाढ़ में पिता को खोने वाले प्रिंस कुरिसिंकल नोबल और उनके चचेरे भाई मनु फ्रांसिस ने पुरुषों की स्किफ सेलिंग में भारत को एशियन गेम्स में रजत पदक दिलाया है।
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दक्षिण एशिया के खेल जगत में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज हुई है जब भारतीय सेलिंग टीम के दोनों खिलाड़ी पुरुषों की स्किफ स्पर्धा में एशियन गेम्स का रजत पदक जीतने में सफल रहे। यह सफलता प्रिंस कुरिसिंकल नोबल और मनु फ्रांसिस के दशक भर के कठोर प्रयासों का फल है।
प्रिंस नोबल की यात्रा असाधारण दुःख से शुरू हुई थी। 2018 की विनाशकारी केरल बाढ़ में उन्हें अपने पिता को खोना पड़ा था। तब से उन्होंने समुद्र को अपना साथी बनाया और सेलिंग में पारंगत होते चले गए। उनके चचेरे भाई मनु फ्रांसिस भी इसी यात्रा के साथी रहे हैं।
दोनों खिलाड़ी पिछले दस वर्षों से एक साथ सेलिंग में प्रशिक्षण ले रहे थे और एशियन गेम्स उनकी इस साझी कोशिश का पहला अंतरराष्ट्रीय मंच साबित हुआ। उनकी इस सफलता को खेल विश्लेषकों ने भारतीय सेलिंग के विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना है।
यह पदक केवल एक खेल उपलब्धि नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत संकल्प और पारिवारिक समर्पण की कहानी भी है। प्रिंस नोबल का यह रजत पदक उनके स्वर्गीय पिता को समर्पित है, जिनके सपने को उन्होंने एशियाड के मंच पर साकार कर दिया है।