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केरल सरकार ने हाईकोर्ट को सौंपे रैगिंग विरोधी दिशानिर्देश
केरल उच्च न्यायालय की खंडपीठ के आदेश के अनुसार राज्य सरकार ने रैगिंग निषेध संशोधन विधेयक के मसौदे पर आधारित दिशानिर्देश तैयार कर दिए हैं। ये दिशानिर्देश विधेयक के औपचारिक अधिनियमन तक लागू रहेंगे।
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केरल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने पहले राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि रैगिंग से निपटने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए जाएं। सरकार ने इन निर्देशों का पालन करते हुए केरल रैगिंग निषेध (संशोधन) विधेयक के प्रारूप के आधार पर दिशानिर्देश तैयार कर लिए हैं।
ये नए दिशानिर्देश राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के साथ होने वाली रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए डिजाइन किए गए हैं। दिशानिर्देश विभिन्न प्रकार की रैगिंग गतिविधियों को परिभाषित करते हैं और उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई का प्रावधान करते हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये दिशानिर्देश तब तक लागू रहेंगे जब तक केरल रैगिंग निषेध (संशोधन) विधेयक को औपचारिक रूप से विधायिका द्वारा अधिनियमित नहीं किया जाता। इससे शैक्षणिक संस्थानों में तुरंत प्रभाव से रैगिंग को नियंत्रित करने के लिए एक कानूनी ढांचा स्थापित हो जाएगा।
राज्य के शिक्षा विभाग को सभी संस्थानों को इन दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उल्लंघन की स्थिति में उच्च न्यायालय के समक्ष कार्रवाई की जा सकेगी।