LSN News › India

World · India Bureau

बिजली खरीद विवाद: केरल सरकार ने २,२०० करोड़ का अतिरिक्त बोझ टालने के लिए हिमाचल प्रदेश डील छोड़ी

केरल के मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य ने जीएनए के प्रस्ताव को स्वीकार किया क्योंकि इससे सरकार को भारी वित्तीय बचत हुई। साथ ही, उन्होंने केएसईबी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के स्थानांतरण को बिजली खरीद से जोड़ने के विरोधी आरोपों को खारिज किया।

LSN India · 4 November 2026

बिजली खरीद विवाद: केरल सरकार ने २,२०० करोड़ का अतिरिक्त बोझ टालने के लिए हिमाचल प्रदेश डील छोड़ी

केरल के मुख्यमंत्री ने राज्य की बिजली खरीद नीति को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा है कि सरकार ने हिमाचल प्रदेश के साथ बिजली क्रय समझौते की जगह जीएनए के प्रस्ताव को अपनाया है। सरकार की इस निर्णय से राज्य को लगभग २,२०० करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय दायित्व से बचाव मिलेगा।

विपक्ष ने यह आरोप लगाया था कि केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (केएसईबी) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एम.जी. राजमणिक्यम के स्थानांतरण का सीधा संबंध बिजली खरीद के इस विवादास्पद फैसले से है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इस आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह दोनों मामले एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार, जीएनए का प्रस्ताव केरल की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अधिक किफायती और व्यावहारिक साबित हुआ है। बिजली की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस विकल्प को सर्वोत्तम माना है।

राज्य के विद्युत विभाग की ओर से कहा गया है कि सरकार ने सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। आने वाले समय में केरल की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन जारी रखेगी।