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शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों की कोई जगह नहीं: केरल हाईकोर्ट
केरल उच्च न्यायालय की डिविजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश को रद्द किया, जिसने श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, कलडी में 16 एसएफआई कार्यकर्ताओं को सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी थी।
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केरल उच्च न्यायालय की डिविजन बेंच ने श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, कलडी में एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों को समर्थन नहीं दिया जा सकता। बेंच ने सिंगल बेंच के पूर्व आदेश को रद्द करते हुए यह निर्णय दिया, जिसने 16 स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं को सेमेस्टर परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी।
यह मामला विश्वविद्यालय द्वारा उठाई गई राजनीतिक गतिविधियों से संबंधित अनुशासनात्मक कार्रवाई के संदर्भ में आया था। एसएफआई सदस्यों के विरुद्ध कार्रवाई के कारण उन्हें परीक्षा में शामिल होने से प्रतिबंधित किया गया था।
डिविजन बेंच का निर्णय यह संकेत देता है कि अकादमिक संस्थानों को अपनी अनुशासनात्मक नीतियों को लागू करने का अधिकार है, विशेषकर जब राजनीतिक गतिविधियों की बात हो। न्यायालय ने माना कि शिक्षा के उद्देश्य को बनाए रखने के लिए संस्थानों को ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाना आवश्यक है।
यह निर्णय उच्च शिक्षा संस्थानों में राजनीतिक कार्यकलापों के नियमन के संबंध में एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल स्थापित करता है। केरल उच्च न्यायालय का यह रुख भारतीय विश्वविद्यालयों में अकादमिक मानकों को संरक्षित रखने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।