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कोचीन नगर निगम को फटकार: पैदल पथ नहीं होने से महिला की मौत
केरल उच्च न्यायालय ने कोचीन नगर निगम की आलोचना की है, जिसने काक्कनाड दुर्घटना में महिला को बस से बचने का रास्ता नहीं छोड़ा। अदालत ने कहा कि पैदल पथों का अधिकार मौलिक अधिकार है।
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कोचीन की काक्कनाड दुर्घटना में एक महिला की मौत को लेकर केरल उच्च न्यायालय ने शहर निगम को गंभीर आपत्ति जताई है। न्यायालय ने अपने निरीक्षण में पाया कि मृतक महिला के पास आने वाली बस से बचने के लिए फुटपाथ पर कोई जगह नहीं थी।
अदालत ने माना है कि पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित पथ उपलब्ध कराना एक मौलिक अधिकार है। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि कोचीन नगर निगम शहर के फुटपाथों को बहाल करने में विफल रहा है। अदालत ने कहा कि जनता को सुरक्षित पैदल मार्ग मिलना चाहिए।
यह निर्णय शहर में पैदल पथों की दुर्दशा पर प्रकाश डालता है, जहां अवैध निर्माण और रखरखाव की कमी से पैदल चलने वाले खतरे में हैं। न्यायालय की टिप्पणी नगर निगम को जिम्मेदारी निभाने के लिए बाध्य कर सकती है।
इस मामले ने शहरी बुनियादी ढांचे की जिम्मेदारी के सवाल को दोबारा सामने रखा है और नगर प्रशासन से बेहतर योजना बनाने की मांग की है।