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केरल हाईकोर्ट ने सबरिमला और मलिकप्पुरम के मेलसंथी चयन में पारदर्शिता का निर्देश दिया
केरल उच्च न्यायालय ने प्रसिद्ध मंदिरों के पुजारियों के चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने विशेष आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया है।
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केरल उच्च न्यायालय ने सबरिमला और मलिकप्पुरम मंदिरों के मेलसंथी (मुख्य पुजारी) के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। न्यायालय की यह कार्रवाई सबरिमला विशेष आयुक्त आर. जयकृष्णन द्वारा दायर एक रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
यह निर्णय इन धार्मिक पदों की नियुक्ति से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित करता है। न्यायालय का मानना है कि पारदर्शी प्रक्रिया से न केवल जनता का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि मंदिर प्रशासन में भी सुधार आएगा।
सबरिमला मंदिर को देश के सबसे महत्वपूर्ण हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है, जहां सालाना लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। इसी तरह, मलिकप्पुरम भी पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए एक प्रमुख केंद्र है।
न्यायालय का निर्देश यह सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है कि भविष्य में मेलसंथी के पद के लिए योग्य और सुयोग्य व्यक्तियों का ही चयन हो। इस निर्देश का पालन करने की जिम्मेदारी संबंधित मंदिर प्रशासकों पर है।