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कालीकट विश्वविद्यालय में प्रो-वाइस चांसलर की नियुक्ति पर केरल सरकार की जांच
केरल उच्च शिक्षा विभाग ने कालीकट विश्वविद्यालय से पी. राशीद अहमद की प्रो-वाइस चांसलर के रूप में नियुक्ति के बारे में स्पष्टीकरण माँगा है। विभाग जानना चाहता है कि वह अपने मूल संस्थान से कैसे मुक्त किए गए और सरकारी स्वीकृति के बिना प्रतिनियुक्ति पर कैसे नियुक्त हुए।
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केरल उच्च शिक्षा विभाग ने कालीकट विश्वविद्यालय को एक आधिकारिक पत्र भेजा है जिसमें प्रो-वाइस चांसलर पी. राशीद अहमद की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए गए हैं। विभाग को इस बात की जानकारी चाहिए कि राशीद अहमद को उनके पेरेंट संस्थान से कैसे प्रभारमुक्त किया गया।
विभाग का मुख्य सवाल यह है कि प्रो-वाइस चांसलर पद पर प्रतिनियुक्ति के लिए सरकार की पूर्व स्वीकृति लिए बिना यह नियुक्ति कैसे की जा सकी। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, केंद्रीय विश्वविद्यालय के किसी भी पद पर किसी अधिकारी या कर्मचारी की प्रतिनियुक्ति के लिए राज्य सरकार की औपचारिक अनुमति आवश्यक होती है।
इस मामले में विभाग ने विश्वविद्यालय से सभी संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है ताकि नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। विभाग का कहना है कि सभी सरकारी मानदंडों का पालन करते हुए ही ऐसी नियुक्तियाँ की जानी चाहिए।
कालीकट विश्वविद्यालय की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विश्वविद्यालय को निर्धारित समय में विभाग के सवालों का जवाब देना होगा।