Politics · India Bureau
केरल के गृह मंत्री ने विजिलेंस के गोपनीय दस्तावेजों पर RTI छूट का बचाव किया
केरल के गृह मंत्री चेन्नीथला ने कहा है कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत विजिलेंस विभाग के संवेदनशील अनुभागों को छूट देना आवश्यक है। उनका तर्क है कि यह कदम चल रही जांचों को सुरक्षित रखने और भ्रष्टाचार के आरोपियों को लाभ पहुंचने से रोकने के लिए जरूरी है।
LSN India ·

केरल के गृह मंत्री ए.के. चेन्नीथला ने विजिलेंस विभाग के शीर्ष गोपनीय अनुभागों को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के दायरे से बाहर करने का बचाव किया है। चेन्नीथला के अनुसार, गोपनीय दस्तावेजों का प्रकटीकरण चल रही जांच-पड़ताल को नुकसान पहुंचा सकता है और भ्रष्टाचार के आरोपियों को अनुचित लाभ दे सकता है।
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह छूट पूर्व LDF सरकार के दौरान विजिलेंस निदेशक की सिफारिश के आधार पर प्रदान की गई थी। उनके अनुसार, संवेदनशील जांचों की गोपनीयता बनाए रखना सार्वजनिक हित के लिए आवश्यक है और यह कदम जांच की प्रक्रिया को प्रभावी बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
चेन्नीथला का कहना है कि RTI अधिनियम के तहत भी कुछ सूचनाओं को राज्य के हितों और चल रही कानूनी कार्यवाही की सुरक्षा के लिए गोपनीय रखा जा सकता है। विजिलेंस विभाग के दस्तावेजों को इसी प्रावधान के अंतर्गत संरक्षित किया गया है।
यह निर्णय RTI में पारदर्शिता की मांग करने वाले नागरिकों और कानूनी विशेषज्ञों के बीच बहस का विषय बना हुआ है, जहां कुछ लोग सरकारी जवाबदेही के अधिकार और राष्ट्रीय हितों के बीच संतुलन के सवाल उठा रहे हैं।