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एसएमए दवा वितरण को लेकर विवाद अनावश्यक: विशेषज्ञ
केरल के एसएटी अस्पताल ने माता-पिता के दावों को खारिज किया है कि मुफ्त में दी जाने वाली दवा प्रायोगिक थी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दी गई दवा रोशे की पेटेंट दवा रिसडिप्लाम का जेनेरिक संस्करण है जिसे भारतीय फार्मा कंपनी नैटको फार्मा द्वारा निर्मित किया जाता है।
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केरल में एसएमए (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) पीड़ित बच्चों के माता-पिता के साथ हुए विवाद पर विशेषज्ञों का मानना है कि यह मसला अनावश्यक रूप से विवादास्पद बना दिया गया है। एसएटी अस्पताल के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि माता-पिता द्वारा उठाई गई चिंताएं आधारहीन हैं।
अस्पताल के प्रशासन के अनुसार, बच्चों को दी गई दवा रिसडिप्लाम का जेनेरिक संस्करण है, जो रोशे द्वारा विकसित मूल पेटेंट दवा का वैकल्पिक नाम है। यह दवा भारतीय फार्मास्यूटिकल कंपनी नैटको फार्मा द्वारा निर्मित की जाती है और देश के औषधि नियामक निकायों द्वारा अनुमोदित है।
जेनेरिक दवाएं मूल पेटेंट दवाओं के समान सक्रिय तत्व और प्रभावकारिता वाली होती हैं, किंतु ये कहीं सस्ती होती हैं। एसएमए जैसी गंभीर आनुवंशिक स्थिति के इलाज में रिसडिप्लाम एक महत्वपूर्ण दवा मानी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मत है कि सरकारी अस्पतालों द्वारा नियामक-अनुमोदित जेनेरिक दवाइयां प्रदान करना एक सकारात्मक कदम है जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक महत्वपूर्ण चिकित्सा सेवा पहुंचाता है।