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केएएस रैंकधारकों के लिए नियुक्ति का रास्ता अवरुद्ध, सीएम का दावा विवादास्पद
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सथीसन ने विधानसभा में कहा कि डिप्यूटेशन के लिए बनाई गई रिक्तियां अस्थायी हैं, जिससे नियुक्तियां नहीं हो सकतीं। किंतु केएएस रैंकधारक अन्य राज्यों में समान प्रावधान का हवाला देते हुए सरकार द्वारा वादे किए गए कैबिनेट स्वीकृति में एक महीने से ज्यादा की देरी की शिकायत कर रहे हैं।
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केरल लोक सेवा आयोग (केएएलएससी) की परीक्षा में सफल केएएस (केरल प्रशासनिक सेवा) रैंकधारकों की नियुक्ति को लेकर गतिरोध बना हुआ है। मुख्यमंत्री वी.डी. सथीसन ने विधानसभा में कहा कि 27 जुलाई को मुख्य सचिव की बैठक में निर्णय लिया गया कि डिप्यूटेशन के लिए सृजित रिक्त पद अस्थायी प्रकृति के हैं, स्थायी नहीं। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि इन पदों पर नियुक्तियां आगे नहीं बढ़ाई जा सकतीं।
रैंकधारकों का दावा है कि डिप्यूटेशन के समान प्रावधान देश के अन्य राज्यों में भी मौजूद हैं और वहां यह समस्या नहीं आती। उन्होंने कहा है कि सरकार ने कैबिनेट से स्वीकृति देने का वचन दिया था, लेकिन यह अनुमोदन एक महीने से अधिक समय से लंबित है।
यह विवाद रैंकधारकों और राज्य सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। रैंकधारकों की ओर से सरकार पर नियुक्ति प्रक्रिया में विलंब के लिए दबाव बढ़ाया जा रहा है। सरकार के कानूनी तर्क और रैंकधारकों की मांग के बीच अभी भी समन्वय नहीं हो पाया है।
इस मसले का समाधान केरल सरकार के प्रशासनिक निर्णय और कानूनी व्याख्या पर निर्भर करता है। कैबिनेट का निर्णय आने से पहले इस गतिरोध को तोड़ने की संभावना नजर नहीं आ रही है।