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केरल में औद्योगिक भूमि आवंटन नियमों में संशोधन
केरल सरकार ने औद्योगिक पार्कों और एस्टेट में भूमि के सर्वोत्तम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए आवंटन नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। अब औद्योगिक संपत्तियों का सबलीज अधिकतम 10 वर्षों के लिए निर्धारित शर्तों के अधीन अनुमत होगा।
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केरल में औद्योगिक विकास की गतिविधियों को तेज करने के लिए राज्य सरकार ने औद्योगिक भूमि आवंटन संबंधी विनियमों में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दे दी है। नए दिशानिर्देशों के तहत, औद्योगिक पार्कों और एस्टेटों में स्थित औद्योगिक संपत्तियों का सबलीज (पुनः पट्टा) अब संभव हो गया है, जिससे भूमि संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
संशोधित नियमों के अनुसार, किसी भी औद्योगिक संपत्ति का सबलीज अधिकतम 10 वर्षों की अवधि के लिए दिया जा सकता है। तथापि, यह सुविधा कुछ निर्धारित शर्तों के अधीन है, जिनका पालन आवेदकों को सख्ती से करना होगा। इस व्यवस्था से छोटे और मध्यम औद्योगिक इकाइयों को लचीलापन मिलेगा।
सबलीज की अवधि समाप्त होने के बाद यदि किसी को नवीकरण की आवश्यकता हो तो उसे केरल इंडस्ट्रियल इनफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (केआईएनएफआरए) या केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (केएसआईडीसी) से नई लिखित अनुमति लेनी होगी। ये दोनों संस्थाएं राज्य में औद्योगिक भूमि आवंटन के लिए प्राधिकृत एजेंसियां हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये संशोधन औद्योगिक परिसंपत्तियों के प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता लाएंगे और औद्योगिक क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करेंगे। नई व्यवस्था से राज्य की औद्योगिक विकास नीति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।