World · India Bureau
अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व में मिली 3,261 फूल वाली प्रजातियां
केरल के शोधकर्ताओं ने तैयार की व्यापक सूची जो पश्चिमी घाट के वैश्विक महत्व को रेखांकित करती है। यह अध्ययन इस जैव विविधता हॉटस्पॉट की सुरक्षा के लिए क्षेत्र-विशिष्ट रणनीतियों की आवश्यकता को दर्शाता है।
LSN India ·

जवाहरलाल नेहरू ट्रॉपिकल बोटेनिक गार्डन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक शोध टीम ने अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व में पाई जाने वाली फूल वाली पौधों की प्रजातियों की एक विस्तृत सूची तैयार की है। इस नई सूची में कुल 3,261 पुष्पीय प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जो इस क्षेत्र की असाधारण वनस्पति संपदा को प्रदर्शित करती है।
यह शोध परियोजना पश्चिमी घाट को विश्व स्तर पर जैव विविधता के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक के रूप में पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से की गई है। अगस्त्यमलाई बायोस्फीयर रिजर्व केरल और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित है और यह क्षेत्र दुर्लभ और स्थानिक वनस्पति प्रजातियों का आश्रय स्थल है।
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह व्यापक सूची भारत में जैव विविधता संरक्षण की वर्तमान नीतियों में सुधार के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी घाट की सुरक्षा के लिए अब समय आ गया है कि संरक्षण के लिए क्षेत्र-विशिष्ट और सुचिंतित रणनीतियां विकसित की जाएं।
यह अध्ययन न केवल भारतीय वनस्पति विज्ञान में एक महत्वपूर्ण योगदान है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी एक मील का पत्थर साबित होने वाली है। शोध दल का कहना है कि इस तरह की विस्तृत जानकारी से आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति के इस अनमोल भंडार को बचाने में मदद मिलेगी।