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पश्चिमी घाट में बेगोनिया की नई प्रजाति की खोज, केरल के शोधकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान

केरल के शोधकर्ताओं ने पश्चिमी घाट क्षेत्र में बेगोनिया जीनस की एक नई प्रजाति की खोज की है। इस प्रजाति का नामकरण जवाहरलाल नेहरू ट्रॉपिकल बॉटनिकल गार्डन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के पूर्व प्रमुख आर. राज विक्रमन के सम्मान में किया गया है।

LSN India · 27 September 2026

पश्चिमी घाट में बेगोनिया की नई प्रजाति की खोज, केरल के शोधकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान

भारत की जैव विविधता समृद्ध पश्चिमी घाट में शोधकर्ताओं को बेगोनिया प्रजाति की एक नई किस्म मिली है। इस खोज से वनस्पति विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है और यह क्षेत्र की पारिस्थितिक विविधता के बारे में नई बातें सामने लाई है।

नई प्रजाति का वैज्ञानिक नाम बेगोनिया राजविक्रमानी रखा गया है। यह नामकरण जवाहरलाल नेहरू ट्रॉपिकल बॉटनिकल गार्डन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के गार्डन मैनेजमेंट डिवीजन के पूर्व प्रमुख आर. राज विक्रमन को सम्मानित करने के लिए किया गया है। उनके वनस्पति विज्ञान में किए गए अवदान को इस नई प्रजाति के नामकरण के माध्यम से स्वीकृति दी गई है।

पश्चिमी घाट भारत के सबसे महत्वपूर्ण जैविक विविधता वाले क्षेत्रों में से एक है। यह क्षेत्र बेगोनिया और अन्य वनस्पति प्रजातियों के लिए प्राकृतिक आवास प्रदान करता है। ऐसी खोजें वर्षावन और उष्णकटिबंधीय वनस्पति के संरक्षण के महत्व को रेखांकित करती हैं।

यह खोज भारतीय वनस्पति विज्ञान में एक महत्वपूर्ण विकास है और पश्चिमी घाट की जैविक संपदा की व्यापक समझ विकसित करने में मदद करती है। शोधकर्ताओं की यह कड़ी मेहनत पारिस्थितिक संरक्षण और वनस्पति ज्ञान के विस्तार में योगदान दे रही है।