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केरल के कासरगोड में तेजस्विनी नदी से जल निष्कर्षण के विरुद्ध आंदोलन तीव्र
तेजस्विनी नदी से मार्च-अप्रैल में 30 मिलियन लीटर प्रतिदिन से अधिक जल निकाले जाने की आशंका है। स्थानीय निवासी इससे जल संकट गहराने का खतरा देख रहे हैं।
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केरल के कासरगोड जिले में तेजस्विनी नदी से बड़े पैमाने पर जल निष्कर्षण के विरुद्ध विरोध तेज हो गया है। क्षेत्र के सक्रिय नागरिक समूह इस परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
विरोधकर्ताओं का कहना है कि आने वाले महीनों में इस नदी से प्रतिदिन 30 मिलियन लीटर से अधिक जल की निकासी की योजना है। मार्च और अप्रैल में जब गर्मी की चरम अवस्था होगी, यह निष्कर्षण सर्वोच्च स्तर पर पहुंचेगा। स्थानीय समुदायों को डर है कि यह कदम पहले से ही जूझ रहे क्षेत्र में जल संकट को और गंभीर बना देगा।
तेजस्विनी नदी कासरगोड के कई गांवों के लिए पीने के पानी और कृषि का प्रमुख स्रोत है। आंदोलनकारियों का तर्क है कि इस पैमाने पर जल निकासी नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करेगी और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाएगी।
यह विवाद केरल में जल संसाधनों के उपयोग को लेकर बढ़ते विवादों का हिस्सा है, जहां विकास परियोजनाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन एक प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।