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केरल में निजी बस सेक्टर संकट के दौर से गुजर रहा है

प्रियदर्शिनी मुफ्त यात्रा योजना से महिला यात्रियों को राहत मिली है, लेकिन इससे निजी बस क्षेत्र को गंभीर आर्थिक झटका लगा है। पहले से ही घटती आय और बढ़ती परिचालन लागत से जूझ रहे बस ऑपरेटरों के लिए स्थिति और गंभीर हो गई है।

LSN India · 2 October 2026

केरल में निजी बस सेक्टर संकट के दौर से गुजर रहा है

केरल में निजी बस परिवहन क्षेत्र गंभीर संकट का सामना कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई प्रियदर्शिनी योजना के तहत महिलाओं को बिना किराए के यात्रा करने की सुविधा मिल रही है, जिससे हालांकि महिला यात्रियों को लाभ हुआ है, लेकिन निजी बस ऑपरेटरों के राजस्व में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

मुफ्त यात्रा योजना की शुरुआत के बाद से निजी बस क्षेत्र की आर्थिक स्थिति तेजी से बिगड़ी है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि महिला यात्रियों की संख्या में वृद्धि होने के बाद भी उन्हें किराए से कोई आय नहीं मिल रही है, जबकि ईंधन की कीमत, रखरखाव खर्च और कर्मचारियों के वेतन में निरंतर वृद्धि हो रही है।

पिछले कुछ वर्षों से ही निजी बस सेक्टर सूखे के दौर से गुजर रहा था। बढ़ती ऑपरेशनल लागत और घटते आय के कारण कई बस कंपनियां अपनी सेवाएं सीमित कर चुकी थीं। प्रियदर्शिनी योजना ने इस समस्या को और गहरा कर दिया है, जिससे बस ऑपरेटरों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है।

इस स्थिति में निजी बस सेक्टर के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। क्षेत्र से जुड़े हितधारकों का मानना है कि यदि सरकार की ओर से समुचित सहायता और समन्वय नहीं किया गया तो यह सेक्टर पूरी तरह ध्वस्त हो सकता है। महिला कल्याण और परिवहन व्यवस्था के बीच संतुलन बनाने की तत्काल आवश्यकता है।