World · India Bureau
केरल में धान के खेतों का संरक्षण जरूरी: पारिस्थितिकी चेतावनी
धान के खेतों को पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में नजरअंदाज करना गंभीर समस्या है। ये खेत जैव विविधता, जल चक्र और स्थानीय जलवायु को नियंत्रित करते हैं।
LSN India ·

केरल में धान की खेती के महत्व को लेकर गंभीर चिंताएं उभरी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि धान के खेतों को केवल अनाज उत्पादन के स्रोत के रूप में देखना एक बड़ी भूल है। ये खेत वास्तव में जटिल सामाजिक-पारिस्थितिकी प्रणाली हैं जो स्थानीय जैव विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
धान के खेत क्षेत्र के जल चक्र को नियंत्रित करते हैं और सूक्ष्म जलवायु को स्थिर रखते हैं। इन खेतों का संरक्षण करना समय की मांग है, विशेषकर जब देश बढ़ती खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहा है। साथ ही बाढ़ जैसी आपदाओं से निपटने के लिए भी प्राकृतिक जल प्रबंधन प्रणाली जरूरी है।
पारिस्थितिकीविदों का कहना है कि धान के खेतों की उपेक्षा केवल कृषि क्षेत्र के लिए ही हानिकारक नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की पारिस्थितिकी संतुलन के लिए खतरनाक है। इसलिए सरकार और समुदाय को मिलकर इन पारंपरिक कृषि प्रणालियों को संरक्षित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।