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केरल में चिकित्सकों की संख्या एक लाख पार, स्वास्थ्य सेवा और रोजगार को लेकर चिंता
केरल में पंजीकृत चिकित्सकों की संख्या एक लाख को पार कर गई है। 2021 से 2025 के बीच 31,446 डॉक्टरों के नए पंजीकरण से स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और रोजगार के अवसरों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
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केरल राज्य चिकित्सा परिषद के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार वर्षों में राज्य में चिकित्सकों का पंजीकरण तेजी से बढ़ा है। 2021 से 2025 के दौरान 31,446 डॉक्टरों ने अपने नाम पंजीकृत करवाए, जिससे राज्य में कुल पंजीकृत चिकित्सकों की संख्या एक लाख के आंकड़े को पार कर गई है।
चिकित्सकों की संख्या में इस तेजी से स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और आपूर्ति-मांग के संतुलन को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में डॉक्टरों के आने से चिकित्सा पेशे में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और इससे सेवा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
रोजगार के संदर्भ में भी स्थिति चिंताजनक है। चिकित्सकों की संख्या में वृद्धि के साथ ही नए योग्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर सीमित हो रहे हैं। राज्य में सरकारी और निजी क्षेत्र में चिकित्सकों की आवश्यकता और वास्तविक पंजीकृत चिकित्सकों की संख्या में बड़ा अंतर देखा जा रहा है।
मेडिकल परिषद और राज्य सरकार से अपील की जा रही है कि वे स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और पंजीकरण प्रक्रिया पर समुचित नियंत्रण रखने के लिए कदम उठाएं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि न केवल पंजीकरण बल्कि गुणवत्ता और उपयुक्त वितरण को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनानी चाहिए।