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केरल सरकार पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व के लिए विशेष भर्ती करेगी
केरल के मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार हर तीन साल में लोक सेवा आयोग के माध्यम से की गई भर्ती की जांच करेगी। यदि पिछड़े वर्गों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं होगा तो विशेष भर्ती अभियान चलाए जाएंगे।
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केरल सरकार सरकारी नौकरियों में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए एक नई नीति अपनाएगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य तीन वर्षीय चक्र के आधार पर केरल लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा करेगा।
इस नीति के तहत यदि समीक्षा में पाया जाता है कि पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों का प्रतिनिधित्व अपर्याप्त है, तो सरकार विशेष भर्ती अभियान का आयोजन करेगी। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं में सामाजिक समानता लाना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार यह कदम सुनिश्चित करेगा कि सरकारी नौकरियों में समाज के सभी वर्गों का न्यायसंगत प्रतिनिधित्व हो। राज्य समय-समय पर इस नीति की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करेगा ताकि अधिक समावेशी और न्यायपूर्ण प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके।
यह पहल केरल में सामाजिक न्याय और समानता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राज्य का मानना है कि विविध और प्रतिनिधिमूलक सरकारी सेवा बेहतर शासन और जनता की सेवा में सहायक होती है।