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केरल विश्वविद्यालय ने कहा - परिसर में राजनीतिक स्वतंत्रता पर कोई प्रतिबंध नहीं
केरल विश्वविद्यालय के प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह अपने परिसर में छात्रों की राजनीतिक स्वतंत्रता को सीमित करने का कोई इरादा नहीं रखता। विश्वविद्यालय ने जोर देते हुए कहा कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की आजादी को बनाए रखने के प्रति प्रतिबद्ध है।
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केरल विश्वविद्यालय ने सोमवार को एक बयान जारी करते हुए यह स्पष्ट किया कि संस्थान अपने परिसर में राजनीतिक गतिविधियों और छात्र आंदोलनों को दबाने का कोई प्रयास नहीं कर रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामूहिक संगठन के अधिकार का सम्मान करना उसके मूल मूल्यों का अभिन्न अंग है।
विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि संस्थान ने हमेशा से एक ऐसे वातावरण को प्रोत्साहित किया है जहां छात्र अपने विचारों को व्यक्त कर सकें और सामाजिक तथा राजनीतिक मुद्दों पर सार्थक चर्चा कर सकें। विश्वविद्यालय का मानना है कि ये गतिविधियां छात्रों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।
प्रशासन ने एक ही साथ यह भी रेखांकित किया कि यह स्वतंत्रता का अर्थ अनुशासनहीनता या कानून का उल्लंघन नहीं है। विश्वविद्यालय ने कहा कि परिसर में सभी राजनीतिक गतिविधियों को संस्थान के नियमों और मौजूदा कानूनों के भीतर रहते हुए संचालित होना चाहिए।
इस स्पष्टीकरण से पहले विभिन्न छात्र संगठन यह आशंका जता रहे थे कि विश्वविद्यालय प्रशासन परिसर में राजनीतिक स्वतंत्रता को सीमित करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। विश्वविद्यालय के इस बयान को छात्र समुदाय के साथ सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।