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केरल के कोझिकोड़ में सौर ऊर्जा से चलने वाली बाड़ें लगाई जाएंगी
चक्कित्तप्पर पंचायत के संवेदनशील क्षेत्रों में वन्यजीवों के उत्पात से बचाव के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सौर ऊर्जा से संचालित विद्युत बाड़ें स्थानीय निवासियों को हाथियों, जंगली सूअरों और बंदरों के आक्रमण से सुरक्षा प्रदान करेंगी।
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केरल के कोझिकोड़ जिले में चक्कित्तप्पर पंचायत के प्रभावित क्षेत्रों में सौर ऊर्जा से चलने वाली विद्युत बाड़ें स्थापित की जा रही हैं। यह पहल पूझिथोड़े, चेम्पनोड़ा और अलम्बरा जैसे संवेदनशील इलाकों में वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है।
प्रस्तावित बाड़ें उन क्षेत्रों में लगाई जाएंगी जहां के निवासियों ने जंगली हाथियों, सूअरों और बंदरों द्वारा बार-बार किए जाने वाले हमलों की शिकायत की है। ये आक्रमण फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं और स्थानीय समुदायों के लिए गंभीर सुरक्षा चिंता का विषय बन गए हैं।
सौर ऊर्जा आधारित यह समाधान पर्यावरण के अनुकूल है और दूरदराज के क्षेत्रों में बिजली की कमी की समस्या को हल करता है। इस तकनीक के माध्यम से जंगली जानवरों को बिना नुकसान पहुंचाए उन्हें मानव बस्तियों से दूर रखा जा सकता है।
यह परियोजना केरल सरकार द्वारा मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में इस तरह की आधुनिक बाड़ें अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी लगाई जा सकती हैं।