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पंडिकोट पल्लम को स्थानीय जैव विविधता धरोहर घोषित किया जाएगा
केरल के निलेश्वरम नगरपालिका में स्थित पंडिकोट पल्लम आर्द्रभूमि को जैव विविधता धरोहर स्थल घोषित करने की तैयारी चल रही है। इस क्षेत्र में विश्व में कहीं और दर्ज न किए गए दुर्लभ पौधे कृष्णकेसर बिस्पिनोसा सहित कई दुर्लभ प्रजातियां पाई जाती हैं।
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निलेश्वरम नगरपालिका में स्थित पंडिकोट पल्लम नामक आर्द्रभूमि को जल्द ही स्थानीय जैव विविधता धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी जाने वाली है। इस क्षेत्र की जैविक समृद्धि इसे संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बनाती है।
पंडिकोट पल्लम की सबसे खास विशेषता यह है कि यहां कृष्णकेसर बिस्पिनोसा पौधे की प्रजाति पाई जाती है, जो एक अत्यंत दुर्लभ पौधा है और माना जाता है कि यह विश्व में अन्य किसी स्थान पर दर्ज नहीं किया गया है। इस स्थल पर जैविक विविधता के इस केंद्र को संरक्षित रखने की आवश्यकता है।
इस आर्द्रभूमि में कृष्णकेसर बिस्पिनोसा के अलावा दो अन्य दुर्लभ पौधों की प्रजातियां भी दर्ज की गई हैं - रोटाला तुलुनादेंसिस और ब्लिक्सा कसरगोडेंसिस। ये प्रजातियां इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण अंग हैं।
जैव विविधता धरोहर स्थल के रूप में घोषणा के बाद पंडिकोट पल्लम में औपचारिक संरक्षण व्यवस्था लागू होगी, जिससे इन दुर्लभ पौधों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।