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खरीफ फसल बुवाई में गिरावट, पिछले साल से 1.7% कम क्षेत्र में बुवाई
28 अगस्त तक बुवाई का क्षेत्र सामान्य से 3 प्रतिशत कम रहा। भारतीय मौसम विभाग ने सितंबर में सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमास दिया है, जिससे शेष मानसून अवधि पर ध्यान केंद्रित हो गया है।
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खरीफ फसल की बुवाई लगभग समाप्ति की ओर है, लेकिन इस बार बुवाई का क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में 1.7 प्रतिशत कम रहा है। 28 अगस्त तक की गई बुवाई का रकबा न केवल गत वर्ष से कम है, बल्कि सामान्य क्षेत्र से भी लगभग 3 प्रतिशत पीछे है।
कृषि विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि देश भर में किसान समय पर पर्याप्त वर्षा न होने के कारण बुवाई में सतर्क रहे हैं। मई से अगस्त तक मानसून की अनिश्चितता के कारण कई क्षेत्रों में किसानों ने बुवाई में देरी की है।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सितंबर के महीने में सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमास दिया है। इस चेतावनी के कारण कृषि विशेषज्ञ और नीति निर्माता अब शेष मानसून सीजन पर गहरी नजरें रख रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि सितंबर के अंत तक मानसून की स्थिति को लेकर अधिक स्पष्टता आएगी। इस दौरान अगर पर्याप्त वर्षा हो जाए तो खरीफ फसल की पैदावार को बेहतर होने की संभावना है। वहीं, यदि वर्षा सामान्य से कम ही रही तो कृषि उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।