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कोचीन निगम की RTI आवेदकों पर रोक की नीति को विरोध का सामना
कोचीन निगम ने अत्यधिक RTI आवेदन दाखिल करने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है, जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के वकील और सूचना का अधिकार अधिनियम के जानकारों ने तीव्र आपत्ति दर्ज की है।
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कोचीन निगम प्रशासन द्वारा सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत बार-बार आवेदन करने वालों पर नियंत्रण लगाने की पहल ने विरोध का सामना किया है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील कलीश्वरम राज ने इस कदम को RTI अधिनियम की भावना के विरुद्ध बताया है।
राज के अनुसार, RTI अधिनियम ने आवेदकों द्वारा दाखिल किए जा सकने वाले आवेदनों की संख्या पर कोई सीमा निर्धारित नहीं की है। सूचना का अधिकार एक मौलिक अधिकार है जो नागरिकों को सार्वजनिक प्राधिकरणों से सूचना प्राप्त करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।
कोचीन निगम का यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही को कमजोर करने का प्रयास माना जा रहा है। RTI कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज संगठनों ने भी इस नीति को लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताया है और निगम प्रशासन से इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
इस विवाद ने भारत में सूचना के अधिकार के संरक्षण और सार्वजनिक निकायों द्वारा इसके दुरुपयोग की रोकथाम के बीच संतुलन के मुद्दे को पुनः सामने ला दिया है।