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भीड़ की कुचलाई में 19 मौतों के बाद चोरबाग़न में सरल रीति से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन
चोरबाग़न में भीषण भगदड़ की घटना के एक सप्ताह बाद दुर्गा प्रतिमा को हुगली नदी में विसर्जित किया गया। परंपरागत देवी बोरन और सिंदूर खेला जैसी रस्मों को छोड़ दिया गया और पुलिस की निगरानी में पूरा कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबाग़न इलाके में दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन समारोह विशेष सावधानियों के साथ संपन्न किया गया। इस दुर्घटना से पहले हुई भीषण भगदड़ में 19 लोगों की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
विसर्जन के दौरान परंपरागत रीति-रिवाजों में कटौती की गई। देवी बोरन और सिंदूर खेला जैसी महत्वपूर्ण रस्मों को छोड़ दिया गया ताकि भीड़ की संख्या को नियंत्रित रखा जा सके। यह निर्णय हाल की दुर्घटना के मद्देनजर सावधानी के तौर पर लिया गया था।
विसर्जन समारोह पुलिस की कड़ी निगरानी में हुगली नदी में संपन्न हुआ। सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए विभिन्न सुरक्षा उपाय अपनाए। यह कदम स्थानीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था।
एक सप्ताह पहले आयोजित पंडाल से निकलने के दौरान हुई भगदड़ में दर्जनों लोग घायल भी हुए थे। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के अधिकारियों ने धार्मिक कार्यक्रमों में भीड़ प्रबंधन के लिए नई नीतियों को लागू करने की बात कही है। आने वाले समय में ऐसी दुर्घटनाओं से बचाव के लिए बेहतर उपाय किए जाएंगे।