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यूक्रेन शांति वार्ता पर ट्रंप की नीति अटल रहेगी: क्रेमलिन की उम्मीद
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकनों की हार के बाद क्रेमलिन को डर है कि यूक्रेन को और अधिक सहायता मिल सकती है। लेकिन रूसी नेतृत्व का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप शांति वार्ता के अपने प्रयास जारी रखेंगे।
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अमेरिकी चुनावों के परिणामों पर रूस की निगाहें लगी हैं, जहां कुछ विश्लेषकों को लगता है कि जनवरी में डेमोक्रेट्स के कांग्रेस में आने से यूक्रेन को अधिक समर्थन मिल सकता है। हालांकि क्रेमलिन को यह चिंता हो रही है, लेकिन वह अपनी पांच साल पुरानी यूक्रेन पर पूर्ण आक्रमण की नीति से पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दे रहा है।
रूसी क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप यूक्रेन और रूस के बीच शांति समझौते के लिए अपने प्रयास जारी रखेंगे। पेस्कोव ने कहा, "पहले से ही काफी आधारभूमि तैयार हो चुकी है और त्रिपक्षीय वार्ता का एक और दौर बहुत जल्द होने वाला है।" उन्होंने संकेत दिया कि मंगलवार और बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में रूसी, यूक्रेनी और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच वार्ता होगी।
क्रेमलिन प्रवक्ता ने फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप की "सफल मानवीय शांति-निर्माण पहल" की प्रशंसा भी की है और कहा है कि रूस को विश्वास है कि ये सभी प्रयास भविष्य में सकारात्मक नतीजे देंगे। पेस्कोव के बयान से स्पष्ट है कि क्रेमलिन को आशा है कि अमेरिकी चुनावों के बाद भी ट्रंप प्रशासन की वार्ता की रणनीति में कोई बदलाव नहीं होगा।