LSN News › India

World · India Bureau

शरद पूर्णिमा: कामदेव की परीक्षा और श्रीकृष्ण की लीला की पौराणिक कथा

हिंदू धर्मग्रंथों में शरद पूर्णिमा की रात को लेकर एक प्रसिद्ध कथा है जिसमें भगवान श्रीकृष्ण और कामदेव के बीच एक अद्भुत चुनौती का वर्णन है। इस कथा के अनुसार, कृष्ण ने कामदेव को अपनी समस्त शक्तियों के साथ परीक्षा लेने के लिए आमंत्रित किया था।

LSN India · 24 October 2026

शरद पूर्णिमा: कामदेव की परीक्षा और श्रीकृष्ण की लीला की पौराणिक कथा

पौराणिक आख्यानों के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने कामदेव को एक महत्वपूर्ण चुनौती दी थी। कृष्ण ने कहा था कि कामदेव यदि अपनी संपूर्ण शक्तियों के साथ आएं, तो वे गोपियों के साथ महारास करते समय उनका मन विचलित कर सकते हैं। यह प्रस्ताव कामदेव के लिए एक परीक्षा के समान था।

कथा के अनुसार, कामदेव ने इस चुनौती को स्वीकार तो किया, किंतु एक शर्त रख दी। उन्होंने कृष्ण से आग्रह किया कि अश्विन मास की पूर्णिमा की रात को वृंदावन के सुंदर वनों में आना होगा। शरद पूर्णिमा की यह रात्रि हिंदू परंपरा में विशेष महत्व रखती है।

इस धार्मिक कथा का संबंध शरद पूर्णिमा से जुड़ी परंपराओं और मान्यताओं के साथ गहराई से जुड़ा है। शरद पूर्णिमा को भारत के विभिन्न भागों में महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है, और इस रात को भगवान कृष्ण की लीला के साथ जोड़ा जाता है।

धार्मिक ग्रंथों में इस कथा को प्रेम, भक्ति और दिव्य शक्ति के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। शरद पूर्णिमा की रात को पूरे भारत में भक्तजन विशेष पूजा-पाठ और आराधना करते हैं।