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क्रिति सन्यू ने कहा - शुरुआती दौर में 'अच्छी लड़की' की भूमिकाएं बोर करती थीं
अभिनेत्री क्रिति सन्यू ने अपने करियर की शुरुआत में मिली भूमिकाओं पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि ये किरदार पुरुष दृष्टिकोण से लिखे जाते थे। उनके अनुसार, ये भूमिकाएं महिलाओं को किसी भी गलती से मुक्त दिखाती थीं।
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प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री क्रिति सन्यू ने अपने शुरुआती फिल्मी करियर में निभाई गई भूमिकाओं के बारे में खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि उस समय की भूमिकाएं उन्हें नीरस और सीमित लगती थीं।
क्रिति के अनुसार, फिल्मों में महिला किरदार मुख्य रूप से पुरुष पात्रों के दृष्टिकोण से तैयार किए जाते थे। ये भूमिकाएं महिलाओं को एक आदर्श छवि में प्रस्तुत करती थीं जहां उन्हें कोई भी त्रुटि या नैतिक समस्या नहीं होती थी। ऐसी रूढ़िवादी भूमिकाओं से ऊबकर अभिनेत्री ने अपने पेशेवर विकल्प में विविधता लाने की कोशिश की।
अपने करियर के विभिन्न चरणों में क्रिति ने विभिन्न प्रकार की भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने अलग-अलग किरदारों को चुनकर अपनी अभिनय क्षमता को प्रदर्शित करने का प्रयास किया है। यह टिप्पणी दिखाती है कि कैसे भारतीय सिनेमा में महिला पात्रों के लेखन और प्रस्तुति में परिवर्तन की आवश्यकता है।
इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में हिंदी फिल्मों में महिला किरदारों में अधिक जटिलता और गहराई देखी जा रही है। निर्देशक और लेखक अब ऐसी भूमिकाएं बना रहे हैं जो महिलाओं को पूर्ण और बहुआयामी चरित्र के रूप में दिखाती हैं।