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एल एंड टी को पश्चिमी तट की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए 5,000 करोड़ का अनुबंध
लार्सन एंड टुब्रो को भारत के पश्चिमी समुद्री तट पर रत्ना-I और एनएलएम-14 परियोजनाओं के विकास के लिए बड़े अनुबंध की प्राप्ति हुई है। यह परियोजना नई प्लेटफॉर्म, समुद्री पाइपलाइन और ब्राउनफील्ड संशोधन कार्यों को शामिल करती है।
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लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (एल एंड टी) को भारत के पश्चिमी तट पर स्थित महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं के विकास के लिए 5,000 करोड़ रुपये तक का अनुबंध प्राप्त हुआ है। यह परियोजना रत्ना-I और एनएलएम-14 के विकास पर केंद्रित है, जो भारत की अपतटीय तेल और गैस सुविधाओं का महत्वपूर्ण भाग हैं।
इस अनुबंध के अंतर्गत एल एंड टी को नई अपतटीय प्लेटफॉर्मों के निर्माण और स्थापना का कार्य संभालना होगा। साथ ही, परियोजना में समुद्री पाइपलाइनों की स्थापना और मौजूदा अवसंरचना में ब्राउनफील्ड संशोधन कार्य भी शामिल हैं।
यह अनुबंध एल एंड टी की अपतटीय इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमताओं की मजबूत स्थिति को प्रदर्शित करता है। कंपनी की विशेषज्ञता और अनुभव इसे भारतीय तेल और गैस क्षेत्र में प्रमुख ठेकेदार के रूप में स्थापित करते हैं।
यह परियोजना भारत की अपतटीय ऊर्जा संसाधनों के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान देगा।