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ला नीना आ सकता है 2027 में, एल नीनो के बाद बदलेगा मौसम का रुख

वैज्ञानिकों की नजर इस बात पर है कि शक्तिशाली एल नीनो के बाद 2027 में ला नीना की आशंका है। यह बदलाव वैश्विक वर्षा, तापमान और चरम मौसमी घटनाओं को प्रभावित कर सकता है।

LSN India · 30 October 2026

दक्षिण एशिया सहित विश्व भर के मौसम वैज्ञानिकों का ध्यान इस संभावना पर केंद्रित है कि आने वाले वर्षों में महासागरीय जलवायु पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है। वर्तमान में जो शक्तिशाली एल नीनो की स्थिति बनी हुई है, उसके बाद 2027 में ला नीना की घटना घटित हो सकती है।

एल नीनो और ला नीना दोनों ही प्रशांत महासागर में जल तापमान के परिवर्तन से संबंधित प्राकृतिक जलवायु चक्र हैं। एल नीनो में महासागर का तापमान सामान्य से अधिक होता है, जबकि ला नीना में तापमान सामान्य से कम रहता है। ये दोनों ही स्थितियां वैश्विक मौसम प्रणाली को गहराई से प्रभावित करती हैं।

वैज्ञानिकों के अनुसार यदि ला नीना वास्तव में 2027 में आता है तो यह वर्षा, तापमान और चक्रवात जैसी चरम मौसमी घटनाओं में उल्लेखनीय परिवर्तन ला सकता है। भारत और दक्षिण एशिया के मानसून पैटर्न पर इसका प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ने की संभावना है। ऐसी स्थिति में कृषि, जल संसाधन और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों पर व्यापक असर हो सकता है।

जलवायु विशेषज्ञ इस संभावित परिवर्तन की निरंतर निगरानी कर रहे हैं ताकि समय रहते उपयुक्त सतर्कता और तैयारी की जा सके। आने वाले महीनों में और विस्तृत आंकड़े सामने आने की उम्मीद है जो इस संभावना की पुष्टि या खंडन कर सकेंगे।