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लद्दाख हिंसा की पहली बरसी पर शोक और विशेष प्रार्थना
लद्दाख राज्य के लिए आंदोलन के दौरान सुरक्षा बलों की गोलीबारी में मारे गए चार नागरिकों की पहली पुण्यतिथि पर बंदी का आह्वान किया गया। कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।
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लद्दाख में एक साल पहले सुरक्षा बलों की गोलीबारी में चार नागरिकों की जान जाने के बाद उनकी पहली पुण्यतिथि पर शोक प्रकट किया गया। इसी दिन घाटी भर में शांतिपूर्ण बंदी का आयोजन किया गया और पीड़ितों की स्मृति में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं।
राज्य के दर्जे के लिए चलाए जा रहे आंदोलन के दौरान यह घटना घटी थी। सरकारी बलों की इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय समुदाय में गहरा असंतोष व्याप्त है। पीड़ितों के परिवार और समर्थकों का आरोप है कि यह लक्षित गोलीबारी थी और बाद में पीड़ितों को राष्ट्रविरोधी करार दिया गया।
प्रख्यात कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस अवसर पर कहा कि वे पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने अनुचित बल प्रयोग के खिलाफ जवाबदेही की मांग की है। स्थानीय नागरिक समाज संगठनों ने भी घटना की स्वतंत्र जांच की मांग को दोहराया है।
लद्दाख की स्वायत्तता के लिए चलाए जा रहे आंदोलन में पिछले वर्षों में कई बार तनावपूर्ण स्थितियां बनी हैं। यह घटना उन्हीं में से एक के रूप में देश भर में विवाद का कारण बनी थी। विभिन्न मानवाधिकार संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।