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भूस्खलन से कटा बतौली गांव, राखी पर अकेलापन
देहरादून से करीब 30 किमी दूर स्थित बतौली गांव की महिलाएं इस बार राखी का त्योहार अकेलेपन में मनाने को मजबूर हैं। भूस्खलन के कारण सड़क टूटने से बने 300 फुट गहरे गड्ढे ने गांव को बाहरी दुनिया से पूरी तरह काट दिया है।
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उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित बतौली गांव वर्तमान में भौगोलिक अलगथलग की स्थिति में है। हाल ही में आए भूस्खलन ने गांव को शहर से जोड़ने वाली सड़क को पूरी तरह नष्ट कर दिया है और एक विशाल गड्ढा बना गया है। यह गड्ढा लगभग 300 फुट की गहराई तक जाता है, जिससे गांव के निवासी, विशेष रूप से महिलाएं, आवश्यक सामग्री और रिश्तेदारों तक पहुंचने में असमर्थ हैं।
राखी का त्योहार भारतीय संस्कृति में बहुत महत्व रखता है, खासकर उन परिवारों के लिए जहां भाई-बहन का रिश्ता मजबूत होता है। बतौली गांव की महिलाओं के लिए इस साल यह त्योहार विशेष रूप से दुःसाध्य साबित हो रहा है क्योंकि वे अपने भाइयों से मिलने या उपहार भेजने की स्थिति में नहीं हैं। भूस्खलन के कारण सड़क की टूटन ने गांव को पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है।
गांव के निवासियों का कहना है कि यह स्थिति कई महीनों से बनी हुई है और सड़क की मरम्मत का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। गांव के लोग स्थानीय प्रशासन से सड़क को तत्काल ठीक करने की मांग कर रहे हैं ताकि वे आवश्यक वस्तुओं तक पहुंच सकें और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग ले सकें। इस दुर्गम परिस्थिति में बतौली के निवासियों की मानवीय जरूरतें और सांस्कृतिक परंपराएं दोनों ही प्रभावित हो रही हैं।