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कानून जीवंत संवाद है: मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा कि कानून एक सजीव बातचीत है। राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में उनके भाषण के समय छात्रों के विरोध के बाद यह वक्तव्य सामने आया।
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मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कानून को एक जीवंत संवाद की संज्ञा दी है, जो न्यायिक प्रणाली में नागरिकों की भूमिका पर जोर देता है। यह टिप्पणी एक दिलचस्प समय पर आई है जब उनके युवाओं पर किए गए कुछ हालिया बयानों को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है।
नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) बेंगलुरु के छात्रों और भूतपूर्व छात्रों ने हैदराबाद स्थित नेशनल एकेडेमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (नालसर) के छात्रों के समर्थन में मुख्य न्यायाधीश के विश्वविद्यालय समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन किया। इसी कारण उक्त आयोजन को स्थगित किया गया था।
छात्र संगठनों ने मुख्य न्यायाधीश के हाल के बयानों पर आपत्ति जताई थी जो युवा पीढ़ी के संबंध में दिए गए थे। इस विरोध को न्यायिक प्रणाली और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ते तनाव का प्रतीक माना जा रहा है।
मुख्य न्यायाधीश के हालिया बयान न्यायिक व्यवस्था में समावेशी और सामूहिक विचार-विमर्श की आवश्यकता को रेखांकित करते प्रतीत होते हैं। कानून में उनके दृष्टिकोण के अनुसार, यह केवल पाठ्य पुस्तकें नहीं बल्कि समाज के साथ निरंतर संवाद का माध्यम है।