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कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास बिल की तारीफ तारूर और झा ने की
संसद सदस्य शशि तारूर और मनोज झा ने पीडीपी विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी के विस्थापित कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास संबंधी विधेयक की प्रशंसा की है। विधायक ने कहा कि विस्थापन केवल भौगोलिक नहीं बल्कि सभ्यतागत संकट था जिसने सामाजिक बंधन को तोड़ा और समुदायों के बीच विश्वास को नष्ट किया।
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कश्मीर के विस्थापित पंडितों के पुनर्वास के मुद्दे पर एक महत्वपूर्ण विधेयक को लेकर संसद में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। पीडीपी विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी द्वारा लाए गए इस बिल पर राष्ट्रीय राजनेताओं की ओर से समर्थन व्यक्त किया जा रहा है।
इस अवसर पर बोलते हुए, विधायक मेहदी ने कहा कि कश्मीरी पंडितों का विस्थापन केवल एक भौगोलिक घटना नहीं थी बल्कि यह एक सभ्यतागत संकट था। उन्होंने कहा कि इस विस्थापन ने सामाजिक बंधनों को तोड़ा, समुदायों के बीच विश्वास को नष्ट किया और गहरे मनोवैज्ञानिक, सांस्कृतिक तथा अंतः पीढ़ीगत आघातों को जन्म दिया।
ससंद सदस्य शशि तारूर और मनोज झा द्वारा इस विधेयक की सराहना यह दर्शाती है कि विस्थापित समुदायों के पुनर्वास का मुद्दा राष्ट्रीय महत्व का विषय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहल न केवल प्रभावित समुदायों को न्याय दिलाती है बल्कि सामाजिक सद्भावना और सामुदायिक एकता को भी बहाल करने में सहायक हो सकती है।
यह विधेयक कश्मीर की समस्या के समाधान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है तथा विस्थापित पंडितों के पुनर्वास हेतु एक रूपरेखा प्रदान करता है।