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वकीलों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है: मुख्य न्यायाधीश
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने सोमवार को कहा कि प्रत्येक वकील को निर्धारित स्थानों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने का अधिकार है। मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी चुनाव आयोग के विरुद्ध वकीलों द्वारा किए गए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित अतिचार की घटनाओं के संदर्भ में आई है।
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भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जयमल्य बागची और न्यायमूर्ति वी मोहना की पीठ को सोमवार को बताया गया कि चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान वकीलों को हिरासत में लिया गया और पुलिस की ओर से अतिरिक्त कार्रवाई की गई है।
वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत में वकीलों के विरुद्ध पुलिस कार्रवाई से संबंधित चिंताएं व्यक्त कीं। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत कोई आदेश जारी किए जाने पर सवाल उठाया, जिसे सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध न होने की जानकारी दी गई।
शंकरनारायणन ने अदालत से न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान वकीलों के साथ शारीरिक बल प्रयोग किया गया और उन्हें अवैध रूप से हिरासत में लिया गया। उन्होंने पुलिस से संयम बरतने का आग्रह करने के लिए कहा।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मामले को मंगलवार की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के लिए सहमति दे दी है।