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अमेरिकी प्रशासन के अंतरराष्ट्रीय छात्र नियम को चुनौती
ट्रम्प प्रशासन द्वारा विदेशी छात्रों के लिए 'अवधि की स्थिति' समाप्त करने के नियम को कानूनी चुनौती दी जा रही है। यह निर्णय भारतीय सहित हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्रों को प्रभावित कर सकता है।
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ट्रम्प प्रशासन द्वारा अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए 'अवधि की स्थिति' को समाप्त करने के निर्णय के खिलाफ विभिन्न संगठनों ने कानूनी चुनौती दी है। यह नीति परिवर्तन छात्रों के अमेरिका में रहने और अध्ययन करने के अधिकार को सीमित करने का प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारतीय सहित कई देशों के छात्रों को नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
वर्तमान में अमेरिकी विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों की संख्या सबसे अधिक है। 'अवधि की स्थिति' नीति छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी होने तक अमेरिका में रहने की अनुमति देती है। इसे हटाने से एफ-1 वीसा धारकों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा। शैक्षणिक संस्थान और अंतरराष्ट्रीय छात्र संगठन इस नियम के खिलाफ सक्रिय हो गए हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में अमेरिका की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकता है। विश्वविद्यालय अपनी चिंताएं व्यक्त करते हुए कह रहे हैं कि यह कदम शैक्षणिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को कमजोर करेगा। अदालतें इस मामले में आने वाले हफ्तों में महत्वपूर्ण फैसले ले सकती हैं।
भारतीय सरकार और शिक्षा संबंधी संगठन भी इस विकास पर गौर कर रहे हैं क्योंकि इससे हजारों भारतीय छात्र प्रभावित हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले संगठन सक्रिय रूप से इस नीति को चुनौती दे रहे हैं।