World · India Bureau
लेह के वरिष्ठ नेताओं ने 'प्रदर्शन मार्च' पर जताई चिंता
लेह के दो वरिष्ठ नेताओं ने कारगिल और लेह निकायों से मई 2025 के समझौते का पालन करने का आग्रह किया है। यह असहमति उस समय सामने आई है जब लद्दाख 'शहीद माह' मना रहा है।
LSN India ·

लेह के दो प्रमुख नेताओं ने हाल ही में सार्वजनिक प्रदर्शन मार्चों को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कारगिल और लेह क्षेत्रीय प्रशासनिक निकायों से पिछले महीने हुए एक महत्वपूर्ण समझौते का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा है। मई 2025 में किया गया यह समझौता क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उनकी यह अपील इस बात को लेकर उठी है कि कुछ समूह समझौते की शर्तों का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन आयोजित कर रहे हैं। नेताओं का मानना है कि ऐसे कदम क्षेत्र में तनाव को बढ़ा सकते हैं और पहले से ही संवेदनशील माहौल को और जटिल बना सकते हैं। उन्होंने सभी पक्षों से संयम और समझदारी बरतने का आह्वान किया है।
यह विवाद एक संवेदनशील समय पर सामने आया है जब लद्दाख 'शहीद माह' मना रहा है। सितंबर 2025 में लेह में हुए प्रदर्शनों में चार नागरिकों की मृत्यु हुई थी। क्षेत्र इस दुःखद घटना को याद करते हुए और प्रभावितों को श्रद्धांजलि देते हुए इस महीने को समर्पित कर रहा है।
वरिष्ठ नेताओं का पद्य सुझाव है कि सभी पक्षों को स्थापित समझौतों के भीतर रहते हुए अपनी चिंताओं को व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने कारगिल और लेह प्रशासन से दोनों समुदायों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की सूझबूझपूर्ण कार्रवाई लद्दाख में दीर्घकालीन शांति स्थापित करने के लिए जरूरी है।